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Darbhanga Airport News: दरभंगा एयरपोर्ट पर नहीं मिलेगी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुविधा?

Darbhanga Airport News: Will international flights not be available at Darbhanga Airport?

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Darbhanga Airport News: दरभंगा और मिथिला क्षेत्र के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर आई है। दरभंगा हवाई अड्डे से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के फिर से शुरू होने की लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे लोगों को निराशा हाथ लगी है। भारतीय विमानन प्राधिकरण (एएआई) ने स्पष्ट किया है कि दरभंगा हवाई अड्डे पर निर्माणाधीन नया टर्मिनल भवन केवल घरेलू उड़ानों के लिए ही बनाया जा रहा है। यह जानकारी केंद्र सरकार के सार्वजनिक शिकायत निवारण पोर्टल CPGRAMS (Centralized Public Grievance Redress and Monitoring System) पर दर्ज एक शिकायत के जवाब में दी गई है। इसके बाद दरभंगा से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को लेकर चल रही चर्चाओं पर एक नई बहस शुरू हो गई है।

Darbhanga Airport News: नए टर्मिनल में केवल घरेलू उड़ानें ही उपलब्ध

एयरपोर्ट अथॉरिटी के जवाब में कहा गया है कि निर्माणाधीन टर्मिनल भवन घरेलू एयरलाइनों के संचालन के लिए बनाया गया है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय परिचालन, सीमा शुल्क निकासी और आव्रजन संबंधी सुविधाएं शामिल नहीं हैं। इस स्पष्टीकरण से यह स्पष्ट हो जाता है कि फिलहाल नए टर्मिनल से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत की संभावना नहीं है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने अपने जवाब में यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की अनुमति देना और सीमा शुल्क एवं आव्रजन सुविधाएं स्थापित करना नीतिगत मामले हैं। अंतिम निर्णय एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुख्यालय और संबंधित केंद्रीय एजेंसियों द्वारा लिया जाएगा। इसका मतलब यह है कि भविष्य में दरभंगा से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें फिर से शुरू हो सकती हैं, लेकिन फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है।

निर्माण कार्य नवंबर 2026 तक पूरा हो सकता है

हवाई अड्डा प्रशासन के अनुसार, नए टर्मिनल भवन और एप्रन का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति कर रहा है। अधिकारियों का दावा है कि पूरी परियोजना 30 नवंबर, 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है।

मौजूदा स्थिति की बात करें तो:

  • टर्मिनल भवन का लगभग 68 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
  • एप्रोन निर्माण का करीब 62 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।

निर्माण कार्य पूरा होने के बाद, यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित एक नया टर्मिनल मिलने की उम्मीद है।

मिथिला क्षेत्र से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की मांग लगातार बढ़ रही

दरभंगा हवाई अड्डे के खुलने के बाद से, मिथिला क्षेत्र के लोग खाड़ी देशों, नेपाल, मलेशिया, सिंगापुर और अन्य दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के लिए सीधी उड़ानों की मांग कर रहे हैं। मिथिला क्षेत्र से बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक, व्यापारी और छात्र विदेशों में रहते हैं। इसलिए, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के शुरू होने से उन्हें काफी सुविधा मिलेगी। यही कारण है कि इस क्षेत्र के लोग लंबे समय से दरभंगा हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोग इस खबर से निराश हैं कि नया टर्मिनल केवल घरेलू उड़ानों के लिए बनाया गया है। कई लोगों का मानना ​​है कि अगर टर्मिनल को शुरू से ही अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार विकसित किया गया होता, तो भविष्य में विदेशी उड़ानों को शुरू करना आसान होता। विशेषज्ञों का कहना है कि बाद में अंतरराष्ट्रीय सुविधाएं जोड़ने से लागत और समय दोनों बढ़ सकते हैं।

केंद्र सरकार के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी

फिलहाल, मिथिला क्षेत्र के लोग दरभंगा हवाई अड्डे परियोजना के संबंध में केंद्र सरकार, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के आगामी निर्णयों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यदि भविष्य में नीतिगत स्तर पर मंजूरी मिल जाती है, तो दरभंगा हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए विकसित किया जा सकता है। हालांकि, वर्तमान में नया टर्मिनल केवल घरेलू उड़ानों के लिए ही विकसित किया जा रहा है।

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Bhumika

Bhumika Kumari is a Jharkhand-based journalist from Dhanbad, specializing in politics, entertainment, education, society, and current affairs. Known for her clear, accurate, and accessible writing style, she effectively bridges complex issues for the public. She also serves as a key content writer for the digital platform Mithila Top.

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