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Bokaro Treasury Scam: बोकारो SP अकाउंट से 16 करोड़ का घोटाला!

Bokaro Treasury Scam: बोकारो SP अकाउंट से 16 करोड़ का घोटाला!

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Bokaro Treasury Scam: झारखंड के बोकारो जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिससे राज्य की वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बोकारो कोषागार से जुड़े इस घोटाले में सरकारी कर्मचारियों के संवेदनशील “कर्मचारी मास्टर डेटा” में बड़े पैमाने पर हेराफेरी का खुलासा हुआ है। महालेखाकार द्वारा की गई जांच में लगभग ₹15.98 करोड़ की अवैध निकासी का पता चला है और 2,100 से अधिक कर्मचारियों की जन्मतिथि बदलकर उनकी सेवा अवधि बढ़ाने का प्रयास किया गया था।

Bokaro Treasury Scam: SP खाते से करोड़ों की हेराफेरी

जांच के अनुसार, यह पूरी योजना सुनियोजित थी। बोकारो के पुलिस अधीक्षक के नाम पर खोले गए एक बैंक खाते का दुरुपयोग करते हुए मई 2017 से नवंबर 2025 के बीच 271 लेनदेन के माध्यम से करोड़ों रुपये निकाले गए। संदेह से बचने के लिए इन निकासी को यात्रा भत्ता, जीएसटी और वानिकी कार्य जैसे विभिन्न मदों के तहत दिखाया गया था। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि यह खाता 14 अलग-अलग जीपीएफ नंबरों से जुड़ा हुआ था, जिनमें से अधिकांश अन्य लोगों के थे। सबूत मिटाने के लिए जनवरी 2026 में इस खाते को मुख्य डेटाबेस से हटा दिया गया था।

करोड़ों की फर्जी निकासी और डेटा से छेड़छाड़

डेटा विश्लेषण से और भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जनवरी 2023 और जनवरी 2026 के रिकॉर्ड की तुलना करने पर पता चला कि 2,175 कर्मचारियों की जन्मतिथि में हेरफेर किया गया था। कई मामलों में, कर्मचारियों को लंबे समय तक नौकरी पर बने रहने देने के लिए उनकी उम्र 40 साल तक कम कर दी गई थी। इसके अलावा, 5,000 से अधिक मामलों में, नौकरी शुरू करने की तारीख भी बदल दी गई थी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यह घोटाला केवल धनराशि निकालने तक सीमित नहीं था, बल्कि सिस्टम में गहराई से जुड़ा हुआ था।

यह भी पढ़ें: बोकारो में BC एसोसिएशन का महाधिवेशन, योगेंद्र प्रसाद ने गिनाई बैंकिंग सेवाओं की अहम भूमिका

इस पूरे मामले ने सरकारी कर्मचारियों के सभी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड रखने वाली एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (आईएफएमएस) की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में डेटा की हेराफेरी से या तो सिस्टम में गंभीर खामियां या इस पूरे घोटाले को अंजाम देने के लिए आंतरिक मिलीभगत का संकेत मिलता है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने इसे “बेहद गंभीर” मामला बताया है और राज्य सरकार से उच्च स्तरीय जांच की सिफारिश की है। यह देखना बाकी है कि जांच एजेंसियां ​​इस घोटाले के असली साजिशकर्ताओं का कब तक पता लगा पाएंगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी या नहीं।

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Bhumika

Bhumika Kumari is a Jharkhand-based journalist from Dhanbad, specializing in politics, entertainment, education, society, and current affairs. Known for her clear, accurate, and accessible writing style, she effectively bridges complex issues for the public. She also serves as a key content writer for the digital platform Mithila Top.

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